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अमिताभ बच्चन 60 साल की उम्र के बाद भी उनमे युवाओं जैसी सोच और बच्चों जैसी सिखने की लगन है.

अमिताभ बच्चन (नौकरी खोजते खोजते बने बॉलीवुड के महानायक)


"जिंदगी में कभी शह कभी मात चलती है,
मगर मनोबल की मात नहीं होनी चाहिए." 
                              अमिताभ बच्चन........



भारती फिल्म जगत के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन किसी ज़माने में कोलकाता की सड़कों पर फ़ाइल दबकर नौकरी की तलाश में भटका करते थे उनकी शुरूआती फिल्में पिट गयी, परन्तु उन्होंने हिम्मत नहीं हारी
दिलचस्प बात ये है की बाद में अपनी दमदार आवाज की वजह से देश भर में धूम मचने वाले अमिताभ को आकाशवाणी ने अयोग्य घोसित कर दिया था और फिल्म रेशमा और शेरा में उन्होंने एक गूंगे की भूमिका निभाई 1975 में दीवार और शोले एक साथ रिलीज़ हुई, जिन्होंने अमिताभ को सुपरस्टार का दर्ज दिलवा दिया
अमिताभ की लोकप्रियता इसी बात से समझ में अति है की " कुली " की शूटिंग के दौरान जब अमिताभ के पेट में चोट लगी और उनका जीवन खतरे में था , तब पुरे देश में लोग प्राथना कर रहे थे उनके चाहने वाले उन्हें भगवन की तरह पूजते थे उनके एक भक्त ने कोल्कता में अमिताभ का मंदिर बनवाया जिसमे ईस्वर की जगह पर अमिताभ की मूर्ति रखी है,
फिल्मों की असीम लोकप्रियता के बाद भी अमिताभ का संघर्ष खत्म नहीं हुआ 1995 में उन्हों ने ए.बी.सी.एल. कंपनी बनायीं जो बुरी तरह घाटे में चली गयी उन पर 90 करोड़ का कर्ज हो गया और अदालत में 55  केस चलने लगे उनके पास सिर्फ एक घर बचा था और उस पर भी कुर्की के आदेश थे अमिताभ चाहते तो खुद को दिवालिया घोसित करके बच सकते थे, परन्तु वे उसूलो के पक्के थे इसीलिए उन्होंने विज्ञापन किये तथा कड़ी मेहनत करके एक एक पाई चूका दी. उनकी लोकप्रियता की वजह से उनके द्वारा प्रस्तुत टेलिविशन क्विज कार्यक्रम कौन बनेगा करोड़पति भारत का नंबर वन शो बन गया .
अमिताभ बच्चन भारत की पहचान है
एक व्यक्ति के रूप में उनकी उचाई पर उनके जैसा विनम्र और सहज व्यक्तित्व मिलना दुर्लभ है . 60 साल की उम्र के बाद भी उनमे युवाओं जैसी सोच और बच्चों जैसी सिखने की लगन है.
अमिताभ बच्चन एक आदर्श पुत्र, एक आदर्श पिता, एक आदर्श अभिनेता और एक आदर्श नागरिक है.  

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